mohabbat shayari

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mohabbat shayari

मोहब्बत वफ़ा की कभी रुकती नही,
प्यार वो हे जिसमे इंसान कभी जुक्ता नही,
हम खामोश हे किसी की खुशी के लिए,
वो उनको लगता हे की हमारा दिल दुख़्ता नही.

जान से भी ज़्यादा उनको मोहब्बत करते थे,
याद उन्हे हर पल हर दिन करते थे.
अब तो उन गलियो से गुज़र भी नही सकते,
जहा बैठकर उनका इंतेज़ार किया करते थे.

मोहब्बत उसको मिलती हे जिनका नसीब होता हे,
बहोत कम हातो मे ये मोहब्बत की लकीर होती हे.
कभी कोई अपनी मोहब्बत से ना बिछड़े,
कसम से ऐसे हालत मे बहोत तक़लीफ़ होती हे.

हर गली हर जगह दिया जलाना,
हर बाग मे फूल खिलाना. इस दुनिया मे सब कुछ कर लेना,
सिर्फ़ हम से मोहब्बत मत कर लेना.

रुलाना यहा सबको आता हे,
हसाणा भी यहा सबको आता हे,
रुला के कोई मनले वोही सक्चा दोस्त हे,
और जो रुला के खुद भी रो पड़े वो सच्ची मोहब्बत हे.

ज़िन्दगी को तनहा वीराने में रहने दो,
ये वफ़ा कि बाते खयालो में रहने दो,
हकीकत में आज़माने से टूट जाते हे दिल,
ये इश्क़ मोहब्बत किताबो में रहने दो.

मोहब्बत कि ज़ंज़ीर से डर लगता हे,
कुछ अपनी तफलीक से डर लगता हे. जो मुझे तुजसे जुदा करते हे,
हाथ कि वो लकीरो से डर लगता हे.

हम शिकायत किस्से करे दोनों तरफ दर्द का माहोल हे,
हमारे आगे मोहब्बत हे और आपके आगे ज़माना हे.

रुक रुक के उनके साथ हमें एक चाहत सी हो गयी,
बात करते करते हमें उनकी आदत सी हो गयी,
उनसे मिल ने के लिए एक बैचनी सी रहती हे,
न जाने दोस्ती निभाते निभाते हमें मोहब्बत सी हो गयी.

निगाहें मिल जाती हे तो इश्क़ हो जाता हे,
पलखे उठे तो इज़हार हो जाता हे,
ना जाने क्या नशा हे मोहब्बत में,
के कोई अनजान भी ज़िन्दगी का हक़दार बन जाता हे.

अपने दिल को आखिर दुखाना हे,
और बहारो में घर सजाना हे,
तो मोहब्बत अक्सर बेवफा से करो,
अगर ज़िन्दगी में मोहब्बत को आजमाना हे.

प्यार आ जाता हे इन आँखों में रोने से पहेले,
हर ख्वाब टूट जाता हे सोने से पहेले,
मोहब्बत एक गुनाह हे ये तो समज गए,
काश कोई रोक लेता ये मोहब्बत होने से पहेले.

मोहब्बत मे जी गया कोई,मोहब्बत मे मार गया कोई,
मोहब्बत आग का सागर हे फिर भी उतार गया कोई,
मोहब्बत मे ज़ख़्म की कहानी बहोत पुरानी हे,
ज़ख़्मी कर गया कोई,
ज़ख़्म भर गया कोई.

इस दिल की ख्वाहिश को नाम क्या दू,
मोहब्बत का उनको पैगाम क्या दू,
इस दिल मे दर्द नही यादे हे उनकी,
अगर यादे मूज़े दर्द दे तो इल्ज़ाम क्या दू.

तुम्हारी मोहब्बत से हमे कोई इनकार नही,
कौन कहेता हे के हमे तुज़े मोहब्बत नही,
तुमसे वादा हे साथ निभाने का,
पर हमे अपनी सांसो पे ऐतबार नही.

कभी एक दिन बहारो के फूल मूर्ज़ा जाएँगे,
ज़िंदगी मे कभी हम आपको याद आ जाएँगे,
तब एहसास होगा आपको हमारी मोहब्बत का,
जब यहा से बहोत दूर चले जाएँगे.

यादो मे आपकी साँसे रहेने का एहसास होता हे,
तन्हा भरे दिल मे दर्द बनके तू पास होता हे,
आपके बिन जीने की सोच भी नही सकते,
इस वजाहा से तो हर दिन मोहब्बत का एहसास होता हे.

मोहब्बत जीवन का सबसे सुनहरा सवेरा हे,
ये सारे रिश्तो मे भी सबसे अलबेला हे,
ये जिसने पाया वो तन्हाई मे भी खुश हे,
पर जिनको नही मिलता वो दुनिया की भीड़ मे भी अकेला हे .

जिस गल की हसरत थी ज़िंदगी मे हमे,
शायद वो गल किसी गुल्लिस्ता मे खिला हे नही,
जिस मोहब्बत की आरज़ू थी हमे ज़िंदगी मे,
ऐसे मोहब्बत कभी आज तक हमे मिली हे नही.

मोहब्बत क्या होती हे ये हम नही जानते,
ये ज़िंदगी को हम अपना नही मानते,
दर्द इतने मिले हे के एहसास नही होता,
अब कोई हमसे मोहब्बत करे ये विश्वास नही होता.

तलाश कर देखो मेरी मोहब्बत को अपने दिल में,
दर्द हो तो साँझ लेना के मोहब्बत अब भी बाकी है..!

है इतनी मोहब्बत मुझे तुमसे की,
अल्फाज़ो मे भी तुम इसे पा ना पाओगे,
अगर ना हो यकीन तो आज़मा के देखो,
तुम खुद को भी इतना चाह ना पाओगे,
मई वो साया हू तेरी सांसो से ज्यूरा,
एक पल भी इसे खुद से जुदा ना पाओगे,
मेरा रब गवाह हे मेरी मोहब्बत का,
चाहकर भी तुम मुजको भुला ना पाओगे.

मैने कब दर्द की ज़ख़्मो से शिकायत की है,
हन मेरा जुर्म है की मैने मोहब्बत की है...
आज फिर देखा है उसे महफ़िल में पठार बनकर,
मैने आँखो से नही दिल से बगावत की है...
उसको भूल जाने की ग़लती भी नही कर सकते
टूट कर की है तो सिर्फ़ उसी से मोहब्बत की है....!!
!

मैं मोहब्बत हूँ मोहब्बत करके देख मैं मोहब्बत ना दूं तो कहना..
मैं मुस्कुराहत हूँ मुझे हंसा कर देख ना साजून तेरे होंठो पेर तो कहना..
मैं खुश्बू हू मुझे महसूस करके देख ना महकु तेरी ज़िंदगी मैं तो कहना..
मैं दिल हूँ मुझे सुन कर देख,
ना धड़कन तेरे दिल मैं तो कहना..
मैं फूल हूँ मुझे लगा कर देख,
ना महकु दिन रात तो कहना !!
मैं मोहब्बत हूँ मुझे अपना करके देख ना बनू मैं तेरा तो कहना .!!

खुदा जाने मोहब्बत में क्या दस्तूर है
हमने जिसको चाहा वो हुमसे दूर है
हुस्न वालो में मोहब्बत की कमी होती है
या फिर चाहने वालो की तकदीर बुरी होती है...!

चाहत की कोई हद नहीँ होती..
सारी उम्र भी बीत जाए..
मोहब्बत कभी कम नहीँ होती.!!

तेरी धड़कन ही ज़िंदगी का किस्सा है मेरा...
तू ज़िंदगी का एक एहम हिस्सा है मेरा...
मेरी मोहब्बत तुझसे,सिर्फ़ लफ़ज़ो की नहीं है...
तेरी रूह से रूह तक का रिश्ता है मेरा...!!

उसका वादा भी अजीब था..
कि जिन्दगी भर साथ निभायेंगे,
मैंने भी ये नहीं पुछा की मोहब्बत के साथ या यादों के साथ..!!

दिल की प्यारी धड़कन को धड़का गया कोई,
मेरे हसीन सपनो को महका गया कोई,
हम तो अनजाने रास्तो पे चलते चले थे,
पर अचानक हे मोहब्बत का मतलब सीखा गया कोई.

जानते हो मोहब्बत किसे कहते हैं ??"
किसी को सोचना,
सोच कर मुस्कुराना,,
फिर आँसू बहा कर सो जाना....
उसे मोहब्बत कहते हैं.

खुश्बू की तरह मेरी हर सांस मैं,
प्यार अपना बसने का वादा करो. रंग जीतने तुम्हारी मोहब्बत के हैं,
मेरे दिल मे सजाने का वादा करो

मोहब्बत क्यूँ होती है.? यह रात इतनी तन्हा क्यूँ होती है,
किस्मत से अपनी सबको शिकायत क्यूँ होती है,
अजीब खेल खेलती है यह किस्मत जिसे हम पह नही सकते उसी से मोहब्बत क्यूँ होती है

इकरार में शब्दों की एहमियत नही होती,
दिल के जज़्बात की आवाज़ नही होती,
आँखें बयान कर देती हैं दिल की दास्तान,
मोहब्बत लफ़्ज़ों की मोहताज़ नही होती!

हम वो आशिक़ है जो सुरत से नही सिरत से प्यार करते है,
जिस पर जान हम अपनी नीसावार करते है,
कहने को तो सभी आशिक़ कहते है,
मगर हम वो आशिक़ है जो अपनी महबूब की
इज़ात के खातिर हम अपनी मोहब्बत भी छुपा सकते है.

वो ज़िंदगी ही क्या,
जिसमे मोहब्बत नही,
वो मोहब्बत ही क्या,
जिसमे यादे नही,
वो यादे ही क्या,जिसमे तुम नही,
और वो तुम ही क्या,
जिसके साथ हम नही.

कहेने देती नही कुछ मूह से मोहब्बत तेरी,
लब पर रह जाती हे आ के शिकायत तेरी.

माना की किस्मत पे मेरा ज़ोर नही,
पर ये सच है के "मोहब्बत"
मेरी कमज़ोर नही,
तेरे दिल मे तेरी यादों मे शायद कोई ओर है,
लेकिन मेरी हर सांस मे तेरे सिवा कोई ओर नही..

दिल पे क्या गुज़री वो अनजान क्या जाने;
प्यार किसे कहते है वो नादान क्या जाने;
हवा के साथ उड़ गया घर इस परिंदे का;
कैसे बना था घोसला वो तूफान क्या जाने

कैसी ये मोहब्बत की शुरुवत हुई है,
खुद मुझसे जुड़ा आज मेरी ज़ात हुई है,
जाता है उसी सिम्त मेरी सोच का धारा,
जिस शख्स के हाथों से मुझे मात हुई है,
फूलों की मोहब्बत ने मुझे दिन ये दिखाए,
काँटों की चुभन शामिल-ए-हालत हुई है

"

जब खामोश आँखो से बात होती है
ऐसे ही मोहब्बत की शुरुआत होती है
तुम्हारे ही ख़यालो में खोए रहते हैं
पता नही कब दिन और कब रात होती है

शायर तो हम है शायरी बना देंगे आपको शायरी मे क़ैद कर लेंगे|
कभी सूनाओ हमे अपनी आवाज़ आपकी आवाज़ को हम ग़ज़ल बना देंगे.||

ज़िंदगी एक चाहत का सिलसिला है,
कोई किसी से मिल जाता है तो कोई किसी से बिछड़ जाता है,
जिसे हम माँगतें है अपनी दुआ में,
वो किसी को बिना माँगे मिल जाता है.

तड़पति निगाहो ने हर वक़्त आपका दीदार चाहा,
जैसे अमावस ने हर रात चाँद को चाहा,
खुदा भी हमसे नाराज़ हो गये,
जब हमने ज़िंदगी की हर दुआ मे उनका साथ चाहा.

न​ज़​रे​ मिले तो प्यार हो जाता है;
पलके उठे तो इज़हार हो जाता हैं;
ना जाने क्या कशिश हैं चाहत में;
कि कोई अनजान भी हमारी;
जिंदगी हक़दार हो जाता है।

जो है दिल मे बात कर तो देखो,
चाहात को होतो पे लेकर तो देखो,
सब कुछ मिल जयएंगा उसी पल,
लेकिन मोहब्बत को एक बार जाता कर तो देखो.

मोहब्बत की हद्द है सितारों से आगे;
प्यार का जहाँ है बहारों से आगे;
वो दीवानों की कश्ती जब बहने लगी;
तो बहते बह गई किनारों से आगे।

सूखे पत्तो से मोहब्बत कर लेंगे,
हम भी तुम पे ऐतबार कर लेंगे,
तुम सिर्फ़ ये कहो की हम तुम्हारे हे,
हम ज़िंदगी भर इंतेज़ार कर लेंगे.

दिल को उसकी हसरत से खफ्फा कैसे करू,
अपने रब को भूल जाने की ख़ाता कैसे करू,
लहू बनकर राग राग मे बस गया है वो लहू को इस जिस्म से ज़ुदा कैसे करू.

दिल की धड़कन और मेरी सदा है वो;
मेरी पहली और आखिरी वफ़ा है वो;
चाहा है उसे चाहत से बड़ कर;
मेरी चाहत और चाहत की इंतिहा है वो!

किस्मत से अपनी सबको शिकायत क्यूँ होती है,
जो नही मिल सकती उसी से मोहबत क्यूँ होती है,
केतने दर्द है राहों मे दिल की,
फिर भी दिल को उसी की चाहत क्यों होती है.

मोहब्बत वफ़ा की कभी रुकती नही,
प्यार वो हे जिसमे इंसान कभी जुकता नही,
हम खामोश हे किसी की खुशी के लिए,
वो उनको लगता हे की हमारा दिल दुखाता नही.

जान से भी ज़्यादा उनको मोहब्बत करते थे,
याद उन्हे हर पल हर दिन करते थे. अब तो उन गलियो से गुज़र भी नही सकते,
जहा बैठकर उनका इंतेज़ार किया करते थे.

हर गली हर जगह दिया जलाना,
हर बाग मे फूल खिलाना. इस दुनिया मे सब कुछ कर लेना,
सिर्फ़ हम से मोहब्बत मत कर लेना. -

रुलाना यहा सबको आता हे,
हसाणा भी यहा सबको आता हे,
रुला के कोई मनाले वोही सच्चा दोस्त हे,
और जो रुला के खुद भी रो पड़े वो सच्ची मोहब्बत हे.

मोहब्बत की बेमिसाल मूरत हो आप,
मेरी ज़िंदगी की एक ज़रूरत हो आप,
फूल तो बहोत प्यारे होते ही हे,
पर फूलो से भी बहोत खूबसूरत हो आप.

आपकी मोहब्बत को सलाम किया हे,
ज़िंदगी का हर अंदाज़ आपके नाम किया हे,
माँग लो रब से आज कुछ भी हमसे,
हमने हर मन्नत आपके नाम किया हे.

ज़रा तलाश तो करो मरे प्यार को अपने दिल में,
अगर थोडा दर्द हो तो समज लेना के मोहब्बत अभी ज़िंदा हे.

रुक रुक के उनके साथ हमें एक चाहत सी हो गयी,
बात करते करते हमें उनकी आदत सी हो गयी,
उनसे मिल ने के लिए एक बैचनी सी रहती हे,
न जाने दोस्ती निभाते निभाते हमें मोहब्बत सी हो गयी.

दुनियावालो का ये दस्तूर कैसा हे,
मोहब्बत को पाने का ये कसूर कैसा,
अगर मोहब्बत एक सजा हे तो,
इंसान को मोहब्बत सिखानेवाला रब बेक़सूर कैसा.

निगाहें मिल जाती हे तो इश्क़ हो जाता हे,
पलखे उठे तो इज़हार हो जाता हे,
ना जाने क्या नशा हे मोहब्बत में,
के कोई अनजान भी ज़िन्दगी का हक़दार बन जाता हे.

कभी मेरे पास आओ तो मोहब्बत के किस्से सुनाऊंगा,
किस्से कहते हे मोहब्बत तुम्हे भी कभी समझाउँगा.

इस दुनिया में मोहब्बत कि तक़दीर बदलती हे,
शीशा तो वोही रहता हे पर तस्वीर बदलती हे.

होती नहीं मोहब्बत सूरत हे,
मोहब्बत तो दिल से हो जाती हे,
सूरत उनकी खुद हे प्यारी लग जाती हे,
कदर जिन कि दिल में होती हे.

मोहब्बत की हर एक रसम निभाई थी मैने,
तुम्हारा प्यार पाने के लिए सब कश्ती दुबई थी मैने.
पर आपने ना कदर की मेरी वफ़ाई की यहा,
तुम्हारी मोहब्बत मे हर खुशी लुटाई थी मैने.

मोहब्बत हर एक को जीना सीखा देती हे,
वफ़ा के नाम पर मरना भी सीखा देती हे,
मोहब्बत नही की तो करके देखो,
ज़ालिम हर एक दर्द सहेना सीखा देती हे .

आप हस्ते हो तो खुशी हमे होती हे,
आपकी नाराज़गी से आँखे मेरी रोती हे,
आपकी दूरी से बैचाईन हम होते हे,
महसुस जब करोगे पता चलेगा मोहब्बत ऐसी होती हे.

मोहब्बत मे करने लगा हू,
उलझने मे जीने लगा हू,
दीवाना तो मे था लकिन,
तेरा दीवाना मे होने लगा हू.

अनजान बनके रहेना पर किसी से मोहब्बत मत करना,
किसी अजनबी के लिए खुद को बेकरार मत करना,
प्यारा सा जीवनसाथी मिले तो ज़िंदगीभर साथ निभाना,
पर दिखावे के लिए किसी से मोहब्बत मत करना.

हमारी नज़रो से नज़र मिला कर तुम,
हमारे दिल को तड़पाती क्यू हो. तुमको हमसे मोहब्बत ही नही है तो,
हमे देख कर मुस्कुराती क्यू हो.

बे इंतेहा महोब्ब्त हे आपसे बताऊ तो केसे ...
खफा हो आप हमसे मनोओ तो केसे ....
कुछ दिल से कहेना चाहते हे हम ....
मगर अल्फाज़ो नही है बया करू तो केसे ....

दुख मे खुशी की वजह बनती है मोहब्बत,
दर्द मे यादो की वजह बनती है मोहब्बत
जब कुछ भी अच्छा नई लगता हमे
दुनिया मे तब हमारे जीने की वजह बनती ह मोहब्बत .

कहाँ तलाश करोगे तुम मुझ जैसे एक शख्स को,
जो तुम्हारे सितम भी सहे और तुम से मोहब्बत भी करे.

वो ज़िंदगी ही क्या जिसमे मोहब्बत नही,
वो मोहब्बत ही क्या जिसमे यादें नही,
वो यादें क्या जिसमे तुम नही,
और वो तुम ही क्या जिसके साथ हम नही.

एहसास-ए-मोहब्बत के लिए बस इतना ही काफ़ी है तेरे बगैर भी हम तेरे ही रहते हैं !!
!

मेरी यादें बन कर ,
मेरे वजूद मे उतार कर मेरी नीदें चुरा कर,
मेरा चैन छिपा कर मुझे मुझ से ही चुरा कर सोचा था किसी ने मोहब्बत की दस्तक दी है..

सामने ना हो तो तरसती है आँखें..
याद मे तेरी बरसती है आँखें..
मेरे लिए ना सही,
इनके लिए ही आ जाया करो..
तुमसे बेपनाह मोहब्बत करती है यह आँखें...!

दिल कहता है क्यूँ ना मैं किसी से मोहब्बत कर लूँ.
दिन का चैन खो दूं और रातों की नींदें छोड़ दूं.

कभी बारिश बरसती है तो
मुझे को याद आता है वो अक्सर
मुझ से कहती थी मोहब्बत ऐक बारिश है

सोचा ना था कभी शायरी करूँगा!!
पर तूने मजबूर कर दिया. भीड़ में कभी अकेला महसूस ना किया!!
पर तूने मजबूर कर दिया. सोचा ना था की कभी मोहब्बत करूँगा!!
पर तूने मजबूर कर दिया ..

मोहब्बत हर एक को मिले ज़रूरी तो नही,
हम जिसे चाहे वो हमसे प्यार करे ज़रूरी तो नही,
वो बहुत याद आ रहे हैं आज मुझे,
हम भी उनकी याद बन जाए यह ज़रूरी तो नही

मोहब्बत के भी कुछ अंदाज होते है,
जागती आँखो के भी कुछ ख्वाब होते है,
ज़रूरी नही के गम मे ही आँसू निकले,
मुस्कुराती आँखो मे भी सैलाब होते है .

मोहब्बत पाने की तमन्ना मे कभी कभी
ज़िंदगी खिलोना बनकर रह जाती हैं,
जिन्हे हम अपने दिल मे बसाना चाहते है
वही सूरत सिर्फ़ यादे बनकर रह जाती है

जितना तुमने ख्वाबो में सताया ,
उतना तंग किसी ने किया ना था,
है मजबूरियाँ तुम्हारी है मजबूरिया हमारी,
बस कहना है आज इतना तुमसे,
कभी कम ना होगी दिल से मोहब्बत तुम्हारी

खुशियो की आरज़ू मे मुक़द्दर सो गये,
आँधी ऐसी चली की अपने भी खो गये,
क्या खूब था उनका अंदाज़-ए-मोहब्बत,
प्यार देने आए थे और पलके भिगो गये..!

मैं कहता हूँ,
मोहब्बत क्या है ये तुम ने सिखाया है,
मुझे तुम से मोहब्बत के सिवा,
कुछ भी नही आता...!!

महक अपने रिश्ते की फूलों से भी गहरी है,
इसीलिए तो अपनी मोहब्बत साँसों पे ठहरी है,
ना टूटे ये साँसों का रिश्ता जिंदगी से वरना समजेंगे दुनिया मे हर मोहब्बत अधूरी है..

मोहब्बत की है तुम्हारे लिए,
इबादत की है तुम्हारे लिए,
मौत भी आज़माए कभी हमे तो जान देने से भी मूह नही मोड़ेंगे तुम्हारे लिए

महक अपने रिश्ते की फूलों से भी गहरी है,
इसीलिए तो अपनी मोहब्बत साँसों पे ठहरी है,
ना टूटे ये साँसों का रिश्ता जिंदगी से वरना समज़ेंगे दुनिया मे हर मोहब्बत अधूरी है.

बारिश और मोहब्बत दोनो ही बोहत यादगार होते हैं,
फ़र्क़ सिर्फ़ इतना है,
बारिश मैं जिस्म भीग जाता है और मोहब्बत मैं आखे ..

कैसे करूँ मे बयान अपनी तनहाईयाँ,
एक तेरे बिना ज़िने मे है परेशानिया ,
एक काश के तुम जान जाते मोहब्बत हमारी,
ये मोहब्बत नही एक एक इबादित है तुम्हारी.

तुझसे मोहब्बत करने का कोई हिसाब ना था हक़ीक़त का आईना था तू,कोई ख्वाब ना था

जानेगी जब मेरी मोहोब्बत की इंतेहा ढुंदेगी वो मुझे दीवानो की तराह कहते है लोग “प्यार”
जिसे हमने वो किया इबादत की तराह

"खामोश"
सजी महफ़िल है जब,
हुई चहल पहल परिंदो के मिलन की तो,
"मूहोब्बत"को आना ही था......!

हादसे ज़्यादा ज़िद्द मोहब्बत में ,
महबूब की महबूब ही सहे.! वरना ज़िंदगी में किसीकि किसे पड़ी ,
नहीं होता कोई मेहरबान.!!

किसी अजनबी की मोहब्बत ने मुझे दीवानाना बना दिया,
पता ना था मोहब्बत का पागल पन इतना मीठा होता है

खुदा मेरी ज़िंदगी में भी कोई चमत्कार कर दे,
वो पूछते हैं की इस दौर में मोहब्बत किया,
मैं अपनी राख उठाकर कहाँ-कहाँ घूमूं,
तेरे बगैर मेरी ज़िंदगी की कीमत किया....

ज़िंदगी मेरी बन गयी है जन्नत जैसी,
मोहब्बत की बारिश जो मुझपे बरसा के रखती है रात के अंधेरे भी जगमगा के रखते है,
वो पगली आँखों मे काजल लगा के रखती है.

भर दे ज़िंदगी अपनी मिठास से,
एसी बस एक मुस्कान मिल जाए..
बन जाए जो यह ख्वाब हक़ीक़त,
मोहब्बत को आशियाँ मिल जाए..!!

कब कौन चला है सफ़र मे दो कदम साथ,
फिर जानकार सब,
बनता तेरा दिल अनजाना कैसा,
बनाकर चले हो महल राह-ए सफ़र मे,
पर बिन मोहब्बत का खाली रहा आशियाना कैसा .

उनकी मोहब्बत मे मेरी अनकही बातें,
गुजर गई ना जाने कितनी रोते हुए रातें,
फिर भी उन बातों को दिल भूल नही पता है,

मुझे क़बूल है,
हर दर्द,
हर तकलीफ़ तेरी चाहत में सिर्फ़ इतना बता दो,
किया तुम्हें मेरी मोहब्बत क़बूल है

मोहब्बत भी होने का सबूत मांगती है मोहब्बत है तो है,चाहे कुछ भी ज़माना कर ले

हमने आज खुद को आज़माने की कोशिश की,
मोहब्बत से दिल को बचाने की कोशिश की.

आपकी मोहब्बत ने कुछ इस तरहा हम पर असर कर दिया रोका बहुत खुद को,
दीवाना हमे मगर कर दिया .

वफ़ा इसको नही कहते वफ़ा कुछ ओर होती है,
मोहब्बत करने वालो की अदा कुछ ओर होती है,

मैं शायर था,
अब आशिक़ कहलाने लगा उनकी मोहब्बत कुछ ऐसा हम पर असर कर गयी

मोहब्बत है जिस से उसे पाने की काबिलियत नही मुझमे,
ऐसा लोगों से कहते सुना है मैने उसे.

अपनी आँखों को बनकर ये ज़ुबान,
कितने अफ़साने सुना लेते है. जिनको जीना है मोहब्बत के लिए,
अपनी हस्ती को मिटा लेते है.

साज़िश है अब तो हर तरफ,
हर दिशा में,हवाओं में मुझे अपने संघ उड़ा के ले जाना,
इन हवाओं की साज़िश है जानता हूँ मैं कसूर यह मेरा नही है तुमपे मर मिटना मेरा तुमसे मोहब्बत हो जाना,
बताओ ना किसकी साज़िश है

फिर ना सीमटे गी ये मोहोब्बत जो आज बिखर जाए गी..
ज़िंदगी कोई जुल्फ नही जो फिर से सवार जाए गी..
थम लो मेरा दामन ज़िंदगी रो कर नही हँसती हँसती गुजर जाएगी

मोहब्बत खो गयी मेरी,
बेवफ़ाई के दलदल में,
मगर इन पागल आँखो को,आज भी तेरी तलाश रहती है.


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